Tuesday, 12 May 2026

Doctors and paramedical staff in jails of Haryana

Doctors and paramedical staff in jails of Haryana
As on 1.05.2025
Male medical officer
Sanctioned  37
Filled. 5
Vacant. 32
Lady medical doctors 

Sanctioned.. 18
Filled.. 1
Vacant..17
Dermatologist
Sanctioned..7
Filled..0
Vacant..7
Dental surgeon
Sanctioned..8
Filled...3
Vacant...5
Psychiatrist
Sanctioned..4
Filled..0
Vacant..4
Clinical Psychologist
Sanctioned..21
Filled..0
Vacant..21

Psychiatric social worker
Sanctioned..20
Filled...0
Vacant..20
Pharmacy officer

Sanctioned..42
Filled..8
Vacant..34

Lab technician
Sanctioned..20
Filled..1
Vacant..19

Dental Assistant
Sanctioned..7
Filled..0
Vacant..7
ECG Technician

Sanctioned..18
Filled..0
Vacant..18

Male Nurse
Sanctioned..39
Filled..2
Vacant..37

Female Nurse
Sanctioned..18
Filled..3
Vacant..15

Radiographer
Sanctioned..18
Filled..1
Vacant..17

Friday, 24 April 2026

जनहित में नहीं है मैडिकल कमीशन बिल

Health Dialogue 
Jan-March. 2018

जनहित में नहीं है मैडिकल कमीशन बिल

एक ओर तो वर्तमान एमसीआई में भ्रष्टाचार का प्रमुख स्त्रोत 1990 के बाद से भारत में मैडिकल शिक्षा के तेजी से निजीकरण के साथ जुड़ा हुआ है, इस बिल के प्रस्ताव को निजीकरण को और प्रोत्साहन देने वाले ही हैं। 1980 में देशभर में 100 सरकारी तथा कुल 12 निजी मैडिकल कॉलेज थे, जिनमें क्रमशः 16570 तथा 1770 अंडर ग्रेजुएट सीटें थीं। 2016 तक आते-आते यह अनुपात लगभग पूरी तरह से पलट चुका था और जहां 205 सरकारी मैडिकल कॉलेजों में 27490 अंडर ग्रेजुएट सीटें थीं, 221 निजी मैडिकल कॉलेजों में 24690 अंडर ग्रेजुएट सीटें थीं। मैडिकल शिक्षा पर सरकारी खर्च में भारी बढ़ोतरी किए जाने की सिफारिश करने के बजाए, एनएमसी विधेयक नियमनकारी कदमों में ही ढील देने का प्रस्ताव करता है जो यह सुनिश्चित करते हैं कि मैडिकल कॉलेज इन अधिसूचित मानकों का पालन करें। इसमें मुख्यतः लाभ मिलेगा निजी मैडिकल कॉलेजों को, जिनमें से अनेक का तो भ्रष्ट तौर-तरीके अपनाने का पुराना इतिहास रहा है।

अमित सेनगुप्ता

महिलाओं का स्वास्थ्य

किशोरावस्था में लड़कियों का स्वास्थ्य

Monday, 13 April 2026

तुम बीमार नहीं

*तुम बीमार नहीं हो, बस उम्र बढ़ रही है।*
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कई “बीमारियाँ” असल में *बीमारियाँ नहीं होतीं —*
वे *"शरीर में उम्र के साथ आने वाले स्वाभाविक परिवर्तन होते हैं।"*
बीजिंग के एक अस्पताल के निदेशक ने बुज़ुर्गों के लिए जो पाँच सलाहें दी हैं,
ज़रा ध्यान से पढ़िए —
1️⃣ *याददाश्त कमज़ोर होना*
यह *अल्ज़ाइमर नहीं है*
यह मस्तिष्क की खुद को बचाने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
डरिए मत — *दिमाग बूढ़ा हो रहा है, बीमार नहीं।*
अगर आप चाबी कहाँ रखी भूल जाते हैं,
लेकिन *खुद ढूंढ लेते हैं* —
तो यह *भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) नहीं है।*
2️⃣ *चलने की रफ़्तार धीमी पड़ना या पैर डगमगाना*
यह *लकवा नहीं* है — यह मांसपेशियों की कमजोरी है।
*इलाज दवा नहीं* — ज़्यादा चलना-फिरना ही असली उपाय है।
3️⃣ *"नींद न आना"*
यह *बीमारी नहीं*, बस मस्तिष्क की *लय बदल* रही है।
नींद की बनावट उम्र के साथ बदलती है।
*नींद की गोलियों पर निर्भर मत रहिए* —
वे गिरने, भूलने और कमजोरी का कारण बनती हैं।
सबसे अच्छा *“नींद का इलाज”:*
*दिन में धूप में थोड़ा समय बिताइए*
और नियमित दिनचर्या बनाए रखिए।
4️⃣ शरीर में *दर्द*
*यह गठिया नहीं*,
बल्कि उम्र के साथ तंत्रिकाओं की *प्राकृतिक कमजोरी* का परिणाम है।
5️⃣ *हाथ-पैरों में हर वक्त दर्द रहना*
अधिकांश लोग पूछते हैं —
“क्या यह गठिया है? क्या हड्डियाँ बढ़ गई हैं?”
लेकिन *९९% दर्द किसी बीमारी से नहीं होता।*
*उम्र के साथ नसों की संवेदना कम होती है,*
इसलिए दर्द ज़्यादा महसूस होता है।
इसे सेंट्रल सेंसिटाइजेशन कहा जाता है।
*दवा नहीं — हल्का व्यायाम,* फिज़ियोथेरपी,
गर्म पानी से सेंक और *हल्की मालिश ज़्यादा असरदार हैं।*
6️⃣ मेडिकल रिपोर्ट में *"असामान्य” वैल्यूज़"*
वे भी *हमेशा बीमारी नहीं दर्शातीं* क्योंकि *मानक पुराने मापदंडों पर बने हैं।*
7️⃣ WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार
बुज़ुर्गों के लिए जाँच के मानक थोड़े ढीले होने चाहिए।
*थोड़ा ज़्यादा कोलेस्ट्रॉल हानिकारक नहीं* —
बल्कि ऐसे "लोग अधिक जीते हैं!"
क्योंकि *कोलेस्ट्रॉल हार्मोन और कोशिका झिल्ली के लिए ज़रूरी है।*
बहुत *कम* कोलेस्ट्रॉल से *प्रतिरोधक शक्ति घटती* है।
चीन के अनुसार,
*बुज़ुर्गों के लिए आदर्श रक्तचाप* है *150/90* mmHg,
जबकि युवाओं के लिए *140/90* mmHg।
उम्र बढ़ना बीमारी नहीं है;
उसे रोग मत मानिए।
8️⃣ *वृद्ध होना कोई रोग नहीं* —यह जीवन का स्वाभाविक चरण है।
🤷🏻‍♂️ *"बुज़ुर्गों और उनके बच्चों के लिए सुझाव:"*
1️⃣ हर असहजता बीमारी नहीं होती।
2️⃣ डर बुज़ुर्गों का सबसे बड़ा दुश्मन है।
*रिपोर्टों और विज्ञापनों के गुलाम मत बनिए।*
3️⃣ बच्चों का कर्तव्य *केवल माता-पिता को अस्पताल ले जाना नहीं*,
🤷🏼‍♀️बल्कि उनके *साथ घूमना,* धूप में बैठना, *बात करना,*
साथ खाना और *भावनात्मक संबंध बनाए रखना है।*
🤷 *उम्र बढ़ना दुश्मन नहीं* —
*"स्थिर बैठ जाना"* असली *दुश्मन है!*
🌿 स्वस्थ रहिए, सक्रिय रहिए! ☘️
💁‍♀️ *एक ब्राज़ीलियन कैंसर विशेषज्ञ के विचार:*
1️⃣ वृद्धावस्था आधिकारिक रूप से 60 से शुरू होकर 80 तक रहती है।
2️⃣ “चौथा चरण” — 80 से 90 वर्ष।
3️⃣ “दीर्घायु काल” — 90 के बाद।
4️⃣ *वृद्धावस्था की सबसे बड़ी समस्या है.. "अकेलापन"*
साथी के जाने के बाद *वैधव्य परिवार के लिए बोझ लग सकता है।*
💁‍♂️इसलिए *"दोस्तों से संबंध बनाए रखें, मिलते रहें।"*
बच्चों और पोतों पर *बोझ मत बनिए (भले वे कहें नहीं)।*
💁🏼 
अपना *जीवन अपने हाथ में रखें*
कब बाहर जाना है, किसके साथ रहना है,
क्या खाना, पहनना, पढ़ना, देखना,
*किसे फोन करना — यह सब खुद तय कीजिए।*
वरना आप दूसरों पर बोझ बन जाएंगे।
👍विलियम शेक्सपियर ने कहा था:
*“मैं हमेशा खुश रहता हूँ"* क्योंकि *मैं "किसी से कोई उम्मीद नहीं रखता।”*
🤷 *उम्मीद ही सबसे बड़ा दुख है।*
हर समस्या का समाधान है —
सिवाय मौत के।
🧘‍♂️बोलने से पहले... *सुनिए।*
लिखने से पहले... *सोचिए।*
आलोचना से पहले... *अपने भीतर झाँकिए।*
प्रतिक्रिया देने से पहले... *गहरी साँस लीजिए।*
*"मरने से पहले... पूरा जी लीजिए!"*
सबसे *अच्छा रिश्ता वो नहीं होता जहाँ लोग परफेक्ट हों,*
बल्कि वो *जहाँ लोग ज़िंदगी को सुंदर बनाना जानते हैं।*
दूसरों की कमी देखिए, पर *उनके गुणों की सराहना भी कीजिए।*
*अगर खुश रहना है — दूसरों को खुश कीजिए।*
कुछ पाना है — *पहले कुछ दीजिए।*
अपने आस-पास  *प्यार भरे,* मुस्कुराते, सकारात्मक लोग रखिए,
और खुद भी वैसे बनिए।
💁‍♀️ज़िंदगी कठिन लगे, आँसू आएँ,
तो भी *मुस्कुराइए और कहिए*
“सब ठीक हो जाएगा,
क्योंकि मैं अब भी सफ़र में आगे बढ़ रहा हूँ!”
🪷🪷 *छोटी सी परीक्षा:*
अगर आपने यह संदेश किसी को नहीं भेजा,
तो इसका मतलब — आप थोड़े अकेले और उदास हैं 
यह संदेश अपने प्रियजनों को भेजिए 
वे आपको कभी नहीं भूलेंगे! 
🙏🙏